वैकुंठ चतुर्दशी 2026 कब है? 23 नवंबर — हरि-हर मिलन

Vaikuntha Chaturdashi 2026 kab hai — date, muhurat, Hari Har Milan

संक्षिप्त उत्तर

वैकुंठ चतुर्दशी 2026 सोमवार, 23 नवंबर को है। नई दिल्ली के अनुसार चतुर्दशी तिथि 23 नवंबर सुबह 2:36 से रात 11:42 तक है और निशिता काल पूजा 23 नवंबर रात 11:41 से 24 नवंबर रात 12:35 तक है। इस दिन भगवान विष्णु और भगवान शिव की एक साथ पूजा होती है, जिसे हरि-हर मिलन कहते हैं। कुछ वेबसाइटों पर 21 या 26 नवंबर लिखा है, पर पंचांग के अनुसार तिथि 23 नवंबर है।

तारीख
23 नवंबर 2026, सोमवार
तिथि
कार्तिक शुक्ल चतुर्दशी
चतुर्दशी
23 नवंबर सुबह 2:36 → रात 11:42
निशिता काल
रात 11:41 – 12:35 (24 नवंबर)
अगले दिन
कार्तिक पूर्णिमा / देव दीपावली (24 नवंबर)
संयोग
उत्तर भारत में कार्तिक का अंतिम सोमवार
हरि-हर मिलन

इस एक दिन भगवान विष्णु को बेलपत्र और भगवान शिव को तुलसी अर्पित की जाती है — मानो दोनों एक-दूसरे की पूजा कर रहे हों। सामान्य दिनों में शिव पूजा में तुलसी वर्जित मानी जाती है; वैकुंठ चतुर्दशी इसका प्रसिद्ध अपवाद है।

— Drik Panchang व प्रचलित परंपरा

वैकुंठ चतुर्दशी पूजा विधि

  1. दिन में व्रत का संकल्प लें और शिव तथा विष्णु दोनों का ध्यान करें।
  2. निशिता काल (रात 11:41 – 12:35) में भगवान विष्णु की पूजा करें — परंपरा में कमल के फूल और विष्णु सहस्रनाम का पाठ।
  3. अगली सुबह अरुणोदय में भगवान शिव की पूजा करें — जल, दूध, बेलपत्र अर्पित करें और 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करें।
  4. इस दिन की विशेष परंपरा: विष्णु जी को बेलपत्र और शिव जी को तुलसी अर्पित की जाती है।
  5. वाराणसी में इस दिन मणिकर्णिका घाट पर स्नान का विशेष महत्व माना जाता है।

वैकुंठ चतुर्दशी की कथा

प्रचलित कथा के अनुसार भगवान विष्णु ने काशी में भगवान शिव की एक हज़ार कमलों से पूजा का संकल्प लिया। एक कमल कम पड़ने पर उन्होंने अपना कमल-समान नेत्र अर्पित करना चाहा। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर शिव जी ने उन्हें सुदर्शन चक्र प्रदान किया। शिव पुराण की कोटिरुद्र संहिता (अध्याय 34–35) में विष्णु द्वारा सहस्र कमलों से शिव पूजा और सुदर्शन चक्र प्राप्ति का वर्णन मिलता है; इसका वैकुंठ चतुर्दशी से संबंध लोक परंपरा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

vaikuntha chaturdashi 2026 kab hai?

सोमवार, 23 नवंबर 2026।

वैकुंठ चतुर्दशी 21, 23 या 26 नवंबर — सही तारीख क्या है?

पंचांग (Drik Panchang, नई दिल्ली) के अनुसार कार्तिक शुक्ल चतुर्दशी 23 नवंबर 2026 को है, और निशिता काल भी इसी रात है। इसलिए सही तिथि 23 नवंबर है।

वैकुंठ चतुर्दशी पर क्या करें?

रात को निशिता काल में विष्णु पूजा और अगली सुबह अरुणोदय में शिव पूजा। विष्णु जी को बेलपत्र और शिव जी को तुलसी अर्पित करने की परंपरा है।

क्या वैकुंठ चतुर्दशी पर शिव जी को तुलसी चढ़ा सकते हैं?

हाँ, परंपरा में केवल इसी दिन शिव जी को तुलसी और विष्णु जी को बेलपत्र अर्पित किया जाता है। बाकी दिनों शिव पूजा में तुलसी वर्जित मानी जाती है।

वैकुंठ चतुर्दशी और कार्तिक पूर्णिमा में क्या संबंध है?

वैकुंठ चतुर्दशी कार्तिक पूर्णिमा से एक दिन पहले आती है। 2026 में 23 नवंबर को वैकुंठ चतुर्दशी और 24 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा व देव दीपावली है।

हरि-हर के दिन, शिव साधना

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स्रोत

सभी तिथियाँ और मुहूर्त नई दिल्ली के अनुसार हैं; आपके शहर में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है। स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें।