ॐ नमः शिवाय लिखित जाप
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संक्षिप्त उत्तर
लिखित जाप यानी मंत्र को लिखते हुए जपना। परंपरा के अनुसार ॐ नमः शिवाय को रोज़ 108 बार (एक माला) लिखना उत्तम है — लिखते समय मन में मंत्र बोलते रहें। नीचे मंत्र लिखकर Enter दबाएँ; हर 108 पर एक माला पूरी गिनी जाएगी। हाथ से लिखने के लिए 108 खानों की शीट भी छाप सकते हैं।
गिनती इसी ब्राउज़र में सहेजी जाती है — कोई लॉगिन नहीं।
लिखित जाप कैसे करें
- शांत जगह पर बैठें, शिव जी का स्मरण करें और मन में संख्या का संकल्प लें — जैसे 108।
- ऊपर के खाने में “ॐ नमः शिवाय” लिखें और Enter दबाएँ (या “लिखा” बटन)। रोमन में “om namah shivaya” भी मान्य है।
- हर बार पूरा मंत्र लिखें और लिखते समय मन में उसका उच्चारण करें।
- 108 पूरे होने पर एक माला गिनी जाती है; गिनती इसी ब्राउज़र में सहेजी रहती है।
- हाथ से लिखना चाहें तो “शीट छापें” दबाएँ — हर खाने में एक बार मंत्र लिखें।
ॐ नमः शिवाय कितनी बार लिखें?
| संख्या | कब | समय (लगभग) |
|---|---|---|
| 11 या 21 | शुरुआत, या कम समय हो तब | 3–6 मिनट |
| 108 (1 माला) | रोज़ का नियम | 25–35 मिनट |
| 1,008 | सोमवार, प्रदोष या शिवरात्रि का संकल्प | कई दिनों में |
| 11,000 | विशेष अनुष्ठान | रोज़ 108 पर लगभग 102 दिन |
समय आपकी लिखने की गति पर निर्भर है। बोलकर जाप की संख्या और नियम के लिए पढ़ें: ॐ नमः शिवाय का जाप कितनी बार करें।
ॐ नमः शिवाय लिखने के फायदे
मंत्र लेखन (लिखित जाप) भारत की पुरानी भक्ति परंपरा है। स्वामी शिवानंद जैसे संतों ने इसे ध्यान का सरल और व्यावहारिक तरीका बताया है, क्योंकि लिखते समय हाथ, आँख और मन एक ही मंत्र पर टिके रहते हैं। भक्त इसे मन की एकाग्रता, धैर्य और रोज़ की साधना में नियमितता के लिए करते हैं। फल श्रद्धा और भाव पर निर्भर है — संख्या पर नहीं।
मंत्र का अर्थ जानकर लिखें तो भाव और गहरा होता है: ॐ नमः शिवाय का अर्थ।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
om namah shivaya likhne se kya hota hai?
लिखित जाप में मंत्र को मन में दोहराते हुए हाथ और आँख से भी जपा जाता है, इसलिए परंपरा में इसे एकाग्रता का अच्छा साधन माना जाता है। भक्त इसे शिव भक्ति में मन लगाने और नियमितता बनाने के लिए करते हैं।
om namah shivaya kitni baar likhna chahiye?
रोज़ 108 बार (एक माला) लिखना सबसे प्रचलित नियम है। कम समय हो तो 11 या 21 बार से शुरू करें। विशेष संकल्प में 1,008 या 11,000 बार लिखने का अनुष्ठान किया जाता है।
ॐ नमः शिवाय लिखने के नियम क्या हैं?
साफ़ जगह पर बैठकर, एक ही कॉपी में, एक ही समय पर रोज़ लिखें। लिखते समय मन में मंत्र बोलते रहें और बीच में बातचीत न करें। पूरी हुई कॉपी को सम्मान से पूजा स्थान पर रखें। अपनी पारिवारिक परंपरा हो तो उसका पालन करें।
क्या मोबाइल पर लिखा जाप मान्य है?
परंपरा में हाथ से लिखने को सबसे उत्तम माना जाता है। मोबाइल पर लिखित जाप नियमितता बनाए रखने और गिनती रखने का सुविधाजनक तरीका है — इसे हाथ से लिखने का साथी समझें, विकल्प नहीं। इसी पेज से 108 खानों वाली शीट छापकर हाथ से भी लिख सकते हैं।
लिखित जाप और बोलकर जाप में क्या अंतर है?
बोलकर (वाचिक), धीमे स्वर में (उपांशु) और मन में (मानसिक) जाप में मंत्र मन और वाणी से होता है। लिखित जाप में हाथ और आँख भी जुड़ जाते हैं, इसलिए मन कम भटकता है। दोनों साथ भी किए जा सकते हैं।
क्या महिलाएँ ॐ नमः शिवाय लिख सकती हैं?
हाँ। लिखित जाप स्त्री-पुरुष, बच्चे-बड़े सभी भक्त कर सकते हैं। कुछ परिवार 'ॐ' के बिना 'नमः शिवाय' लिखने की परंपरा मानते हैं — अपनी पारिवारिक या गुरु परंपरा का पालन करें।
क्या यह ऑनलाइन लिखित जाप मुफ़्त है?
हाँ, पूरी तरह निःशुल्क। न लॉगिन, न डाउनलोड, न कोई विज्ञापन। गिनती इसी ब्राउज़र में सहेजी रहती है।
बोलकर जाप के लिए ShivLok ऐप
ShivLok ऐप की जप माला में असली रुद्राक्ष माला की तरह मनका स्वाइप करें, ॐ नमः शिवाय साधना 1×–3× गति पर चलाएँ, रोज़ की स्ट्रीक रखें और 108 से 10,000 जाप तक पड़ाव की सूचना पाएँ।
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स्रोत
यह जानकारी परंपरा पर आधारित सामान्य मार्गदर्शन है। हमारी सामग्री कैसे तैयार होती है: संपादकीय नीति।