प्रदोष व्रत 2026–2027: तिथि, पूजा मुहूर्त और लिस्ट
Pradosh vrat kab hai — October, November, December 2026 list aur muhurat
संक्षिप्त उत्तर
प्रदोष व्रत हर पक्ष की त्रयोदशी को, महीने में दो बार आता है, और पूजा सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में होती है। अक्टूबर 2026 में प्रदोष 8 अक्टूबर (गुरु प्रदोष) और 23 अक्टूबर (शुक्र प्रदोष) को है; नवंबर में 6 और 22 नवंबर, दिसंबर में 6 और 21 दिसंबर (सोम प्रदोष) को। (मुहूर्त: नई दिल्ली)
- तिथि
- दोनों पक्षों की त्रयोदशी
- महीने में
- 2 बार
- पूजा का समय
- प्रदोष काल — सूर्यास्त से शुरू होकर लगभग ढाई घंटे
- नाम
- वार के अनुसार — सोम, भौम, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, रवि प्रदोष
- अगला सोम प्रदोष
- 21 दिसंबर 2026
| तारीख | प्रदोष | पक्ष / माह | पूजा मुहूर्त |
|---|---|---|---|
| 8 अक्टूबर 2026 | गुरु प्रदोष | आश्विन कृष्ण | शाम 5:59 – 8:27 |
| 23 अक्टूबर 2026 | शुक्र प्रदोष | आश्विन शुक्ल | शाम 5:44 – 8:16 |
| 6 नवंबर 2026 | शुक्र प्रदोष | कार्तिक कृष्ण | शाम 5:32 – 8:09 |
| 22 नवंबर 2026 | रवि प्रदोष | कार्तिक शुक्ल | शाम 5:25 – 8:06 |
| 6 दिसंबर 2026 | रवि प्रदोष | मार्गशीर्ष कृष्ण | शाम 5:24 – 8:07 |
| 21 दिसंबर 2026 | सोम प्रदोष | मार्गशीर्ष शुक्ल | शाम 5:36 – 8:13 |
| 5 जनवरी 2027 | भौम प्रदोष | पौष कृष्ण | शाम 5:38 – 8:21 |
| 20 जनवरी 2027 | बुध प्रदोष | पौष शुक्ल | शाम 5:50 – 8:31 |
| 3 फ़रवरी 2027 | बुध प्रदोष | माघ कृष्ण | शाम 6:02 – 8:39 |
| 18 फ़रवरी 2027 | गुरु प्रदोष | माघ शुक्ल | शाम 6:13 – 8:46 |
| 5 मार्च 2027 | शुक्र प्रदोष | फाल्गुन कृष्ण | शाम 6:23 – 8:51 |
| 20 मार्च 2027 | शनि प्रदोष | फाल्गुन शुक्ल | शाम 6:32 – 8:45 |
प्रदोष व्रत पूजा विधि
- सुबह स्नान करके व्रत का संकल्प लें और दिन भर फलाहार रखें।
- शाम को प्रदोष काल से पहले दोबारा स्नान करें या हाथ-पैर धोकर साफ़ वस्त्र पहनें।
- प्रदोष मुहूर्त में शिवलिंग पर जल, दूध, दही, शहद और गंगाजल से अभिषेक करें।
- बेलपत्र, धतूरा, अक्षत और सफ़ेद फूल अर्पित करें; घी का दीपक जलाएँ।
- प्रदोष व्रत कथा पढ़ें या सुनें और 'ॐ नमः शिवाय' की कम से कम एक माला करें।
- आरती के बाद प्रसाद बाँटें और व्रत खोलें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
pradosh vrat october 2026 kab hai?
8 अक्टूबर 2026 (गुरु प्रदोष, शाम 5:59–8:27) और 23 अक्टूबर 2026 (शुक्र प्रदोष, शाम 5:44–8:16)।
pradosh vrat november 2026 kab hai?
6 नवंबर 2026 (शुक्र प्रदोष) और 22 नवंबर 2026 (रवि प्रदोष)।
सोम प्रदोष व्रत 2026 कब है?
21 दिसंबर 2026, सोमवार — पूजा मुहूर्त शाम 5:36 से 8:13 (नई दिल्ली)।
प्रदोष काल क्या होता है?
सूर्यास्त से शुरू होने वाला लगभग ढाई घंटे का समय। मान्यता है कि इस समय शिव जी कैलाश पर प्रसन्न होकर नृत्य करते हैं।
शनि प्रदोष व्रत कब है?
अगला शनि प्रदोष 20 मार्च 2027 को है।
प्रदोष की शाम, साधना के साथ
ShivLok ऐप में प्रदोष काल में ॐ नमः शिवाय साधना चलाएँ और जप माला से 108 जाप पूरे करें। ध्वनि बोर्ड में शंख, डमरू और मंदिर घंटा बजाकर आरती का माहौल बनाएँ।
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स्रोत
सभी तिथियाँ और मुहूर्त नई दिल्ली के अनुसार हैं; आपके शहर में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है। स्थानीय पंचांग से पुष्टि करें।