ॐ नमः शिवाय का जाप कितनी बार करना चाहिए?
Om Namah Shivay jaap kitni baar karna chahiye, kitne baje karein aur sahi tarika
संक्षिप्त उत्तर
परंपरा के अनुसार ॐ नमः शिवाय का जाप रोज़ कम से कम 108 बार यानी एक माला करना चाहिए। समय हो तो 3, 5 या 11 माला करें। विशेष संकल्प के लिए 1,008 या सवा लाख (1,25,000) जाप का अनुष्ठान किया जाता है। जाप के लिए सुबह ब्रह्म मुहूर्त और शाम का प्रदोष काल सबसे उत्तम माने जाते हैं।
- एक माला
- 108 जाप
- रोज़ न्यूनतम
- 1 माला (108)
- अनुष्ठान
- 1,008 · 11,000 · सवा लाख (1,25,000)
- उत्तम समय
- ब्रह्म मुहूर्त (सूर्योदय से लगभग 96 से 48 मिनट पहले) और प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद)
- माला
- रुद्राक्ष की माला
- अक्षर
- 5 (न-मः-शि-वा-य) — इसलिए पंचाक्षर मंत्र
नमः शम्भवे च मयोभवे च नमः शङ्कराय च मयस्कराय च नमः शिवाय च शिवतराय च॥कल्याण के स्रोत शम्भु को, सुख देने वाले शंकर को, और मंगलमय से भी मंगलमय शिव को नमस्कार है।
| रोज़ माला | रोज़ जाप | 30 दिन में जाप |
|---|---|---|
| 1 | 108 | 3,240 |
| 3 | 324 | 9,720 |
| 5 | 540 | 16,200 |
| 11 | 1,188 | 35,640 |
ॐ नमः शिवाय जाप करने का सही तरीका
- स्नान करके साफ़ कपड़े पहनें और शांत स्थान पर आसन बिछाकर बैठें।
- मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखें। सामने शिवलिंग या शिव जी का चित्र रखें और दीपक जलाएँ।
- मन में संकल्प लें — कितना जाप करेंगे और किस भाव से।
- रुद्राक्ष माला को दाहिने हाथ में लें। तर्जनी (पहली उंगली) का प्रयोग न करें; मध्यमा और अंगूठे से मनके आगे बढ़ाएँ।
- हर मनके पर एक बार स्पष्ट उच्चारण के साथ 'ॐ नमः शिवाय' बोलें। उच्चारण वाचिक (बोलकर), उपांशु (धीमे) या मानसिक (मन में) — तीनों तरह से कर सकते हैं।
- सुमेरु (माला का बड़ा मनका) आने पर उसे पार न करें; माला पलटकर अगली माला शुरू करें।
- जाप के अंत में शिव जी को प्रणाम करें और जाप की संख्या लिख लें या ऐप में दर्ज करें।
ॐ नमः शिवाय का जाप कितने बजे करना चाहिए?
सबसे उत्तम समय ब्रह्म मुहूर्त है — सूर्योदय से लगभग 96 मिनट पहले से 48 मिनट पहले तक का समय (मौसम के अनुसार लगभग सुबह 4 से 6 बजे के बीच)। दूसरा श्रेष्ठ समय प्रदोष काल है — सूर्यास्त से शुरू होने वाला लगभग ढाई घंटे का समय। सोमवार, प्रदोष व्रत, मासिक शिवरात्रि और सावन में किया गया जाप विशेष फलदायी माना जाता है।
पंचाक्षर मंत्र के लिए कोई कठोर बंधन नहीं है — दिन में किसी भी समय, चलते-फिरते मानसिक जाप भी किया जा सकता है। नियमितता संख्या से ज़्यादा महत्वपूर्ण है।
ॐ नमः शिवाय जाप के फायदे
भक्त परंपरा में इस जाप से मन की शांति, एकाग्रता, भय और चिंता में कमी, और शिव भक्ति में दृढ़ता बताई गई है। शिव पुराण की विद्येश्वर संहिता (अध्याय 17) में प्रणव (ॐ) और पंचाक्षर मंत्र की महिमा का विस्तार से वर्णन है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
om namah shivay jaap kitni baar karna chahiye?
रोज़ कम से कम 108 बार (1 माला)। समय हो तो 3, 5 या 11 माला। विशेष संकल्प के लिए 1,008, 11,000 या सवा लाख जाप का अनुष्ठान किया जाता है।
ओम नमः शिवाय का जाप कितने बजे करना चाहिए?
ब्रह्म मुहूर्त (सूर्योदय से लगभग डेढ़ घंटा पहले का 48 मिनट का समय) और प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद) सबसे उत्तम हैं। वैसे यह मंत्र किसी भी समय जपा जा सकता है।
क्या बिना माला के ॐ नमः शिवाय जाप कर सकते हैं?
हाँ। गिनती के लिए माला, उंगलियों के पोर या जाप काउंटर का उपयोग कर सकते हैं। मानसिक जाप में गिनती अनिवार्य नहीं है।
क्या महिलाएँ ॐ नमः शिवाय का जाप कर सकती हैं?
हाँ। पंचाक्षर मंत्र का जाप स्त्री-पुरुष सभी भक्त कर सकते हैं; कई परंपराएँ स्त्रियों के लिए 'ॐ' के बिना 'नमः शिवाय' जपने की सलाह देती हैं — अपनी पारिवारिक या गुरु परंपरा का पालन करें।
om namah shivaya 108 times kyon?
एक माला में 108 मनके होते हैं। 108 की एक प्रचलित व्याख्या है: 27 नक्षत्र × 4 चरण = 108, और 12 राशि × 9 ग्रह = 108।
jaap ki ginti kaise rakhein?
रुद्राक्ष माला सबसे पारंपरिक तरीका है। रोज़ की गिनती और स्ट्रीक रखने के लिए आप हमारा मुफ़्त ऑनलाइन जाप काउंटर या ShivLok ऐप की जप माला इस्तेमाल कर सकते हैं।
108 jaap me kitna time lagta hai?
सामान्य गति से ॐ नमः शिवाय की एक माला (108 जाप) में लगभग 4–6 मिनट लगते हैं, यानी एक जाप में लगभग 2–3 सेकंड। हमारे ऑनलाइन जाप काउंटर पर कुछ जाप गिनें — वह आपकी अपनी गति और एक माला का समय बता देता है।
क्या शाम को या सोते समय ॐ नमः शिवाय का जाप कर सकते हैं?
हाँ। शाम का प्रदोष काल जाप के लिए अच्छा माना जाता है, और सोने से पहले लेटे-लेटे मानसिक जाप भी किया जा सकता है। माला से गिनकर जाप बैठकर करना उचित है।
जाप करते समय मन भटके या नींद आए तो क्या करें?
मन भटके तो बिना झुंझलाए फिर से मंत्र पर लौट आएँ — यही अभ्यास है। धीमे स्वर में बोलकर (उपांशु) जाप करें, रीढ़ सीधी रखें और आँखें आधी खुली रखें। नींद आए तो ठंडे पानी से मुँह धोएँ, कुछ देर खड़े होकर या टहलते हुए जाप करें, और जाप का समय सुबह रखें।
ॐ नमः शिवाय कितनी बार जपने से सिद्ध होता है?
परंपरा में सवा लाख (1,25,000) जाप के अनुष्ठान को मंत्र सिद्धि से जोड़ा जाता है। पर शास्त्र और संत नियमितता, श्रद्धा और शुद्ध भाव को संख्या से अधिक महत्व देते हैं।
ShivLok में रोज़ 108 जाप
ShivLok ऐप की जप माला में हर मनका स्वाइप करें — 108 पर माला पूरी होने का उत्सव, रोज़ की गिनती, स्ट्रीक और लीडरबोर्ड। दोपहर और रात को याद दिलाने वाली सूचना भी मिलती है।
निःशुल्क · Android · Google Play
स्रोत
यह जानकारी परंपरा और शास्त्रों पर आधारित सामान्य मार्गदर्शन है। विशेष अनुष्ठान के लिए अपने गुरु या पंडित से सलाह लें।